अनुबन्धित बस योजना

निजी बस मालिकों से अनुबन्धन के आधार पर बसे लेकर राष्ट्रीयकृत मार्गों पर संचालन हेतु योजना।

उद्देश्य :- वर्ष 1992 में राज्य के नागरिकों को राष्ट्रीयकृत मार्गों पर अच्छी परिवहन सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से यह योजना लागू की गई।

योजना :- इच्छुक अनुबन्धित बस मालिकों से आवश्यकता के अनुरूप विशेष मार्गों पर निविदा प्रक्रिया द्वारा बसों काअनुबन्धन किया जाता है, इसके बाद बस मालिक अपनी बस, (अनुबन्धन के अनुसार स्वच्छ एवं ठीक स्थिति में) समय सारिणी व चालक के साथ सुलभ कराता है। इनको निगम परिचालक, टिकट एवं लेखा सामग्री, बस स्टेशन व अन्य सेवायें चालन हेतु उपलब्ध कराता है। इनका भुगतान अर्जित कि०मी०, मार्गों की श्रेणी और वाहन की श्रेणी के अनुसार निम्नवत् होता है :-

. मार्ग की श्रेणी
क्र०सं० बस का प्रकार बी सी डी
1 मिनी बस (22-27 सीट) . . . . .
. - मैदानी 4.41 4.51 4.61 4.71 .
. - पर्वतीय 5.65 5.75  5.85 5.95 .
2 2 मिनी बस (28 सीट से अधिक) . . . . .
. - मैदानी 5.05 5.20  5.35 5.55 6.35
. -पर्वतीय 6.50 6.50 6.50 6.50 6.50
3 साधारण बसें 7.30 7.50 7.75 8.00 9.00
4 एक्सप्रेस बसें 7.97 7.97 7.97 7.97 7.97
5 सेमीडीलक्स बसें 8.47 8.47 8.47 8.47 8.47
6 डीलक्स बसें 8.47 8.47 8.47 8.47 8.47
7 वातानुकूलित बडी बस (साधारण/डीलक्स-मैदानी) 13.15 13.15 13.15 13.15 13.15
8 वातानुकूलित मिनी बस (साधारण/डीलक्स-मैदानी) 8.78 8.78 8.78 8.78 8.78

उपरोक्त कि अतिरिक्त इनके भुगतान हेतु प्रोत्साहन एवं दण्ड शुल्क, लोड फैक्टर और अर्जित आय के आधार पर भी होता है। इनका पूर्ण विवरण निविदा प्रपत्र में सुलभ होता है और यह क्षेत्रीय कार्यालय या मुख्यालय से प्राप्त किया जा सकता है।

1. प्रक्रिया :- अनुबन्धित बसों की अधिकतम संख्या किसी भी क्षेत्र में उसके बस बेडे के आधार पर मुख्या लय द्वारा तय की जाती है। किसी भी दशा में दशा में स्वीकृत संख्या से अधिक या नवीनीकरण अमान्य होगा। वर्तमान में बसों की अधिकतम स्वीकृत संख्या निम्नवत् है:-

अनुबन्धित बसों की अधिकतम अनुमन्य संख्या

पश्चिमी परिक्षेत्र मध्य परिक्षेत्र पूर्वी परिक्षेत्र उत्तरांचल परिक्षेत्र
क्षेत्र बसें क्षेत्र बसें क्षेत्र बसें क्षेत्र बसें
आगरा 100  इटावा 80  इलाहाबाद 90  KMN 70 
अलीगढ 60 कानपुर 60 आजमगढ 110 टनकपुर 10
मुरादाबाद 120 झांसी 30 गोरखपुर 135 देहरादून 140
गाजियाबाद 100 लखनऊ 160 वाराणसी 125   -
मेरठ 200 बरेली 110  फैजाबाद 70   -
योग 580  योग 440  योग 530  योग 220

2.  मार्गों की आवश्यकता एवं सृजन :- संचालन की आवश्यकतानुसार मार्गों का निर्धारण समिति के माध्यम से उन प्रतिबन्धित मार्गों (क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा उपलब्ध करायी गई सूचना के आधार पर) जो रेड लाइन कारीडोर कहलाती हैं, को छोडकर होता है।

क्षेत्रीय समिति क्षेत्रीय प्रबन्धक - अध्यक्ष, सेवा प्रबन्धक एवं सहायक क्षेत्रीय प्रबन्धक - सदस्य क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले मार्ग
बी Zonal Committee  ZM - Chairman RMs of the concerned Regions Routes connecting two adjoining Regions but within the Zone 
सी Inter Zonal Committee  Sr. ZM - Chairman ZMs & RMs of the concerned Regions  Routes connecting two adjoining Regions and Zones

एक्सप्रेस, सेमी डीलक्स, डीलक्स और वातानुकूलित बसों के लिए मार्गों का चिन्हीकरण मुख्यालय को क्षेत्रीय प्रबन्धक द्वारा प्रेषित प्रस्ताव के आधार पर होता है।

मार्गों की रिक्तियों सम्बन्धी सूचना निविदा प्रपत्र के साथ उपलब्ध होती है और यह क्षेत्रीय कार्यालयों व बस स्टेशनों के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित की जाती है।

3. निविदा :- निविदा प्रपत्र में निविदा सम्बन्धी समस्त सूचनायें, तिथि, स्थान व समय, निविदा बेचे जाने की समयावधि, जमा, अर्नेस्ट मनी, नियम व शर्तें आदि होती हैं। निविदायें निर्धारित तिथि तथा समय अवधि में शील्ड निविदा बाक्स में डाली जायेगी जो उसी के अनुरूप खोली जायेगी। समिति द्वारा न्यूनतम दर वाले निविदा एक से अधिक होने पर लेटेस्ट माडल की बस को वरीयता दी जायेगी परन्तु यदि किसी मार्ग हेतु एक वाहन स्वामी अथवा फर्म द्वारा कई बसों हेतु निविदा दी जाती है तथा उसकी दरें न्यूनतम हैं तो उसे प्रथम वरीयता दी जायेगी।

4. अनुबन्ध अवधि व नवीनीकरण :-  उपरोक्त के अन्तर्गत अनुबन्धन प्रारम्भ में तीन वर्ष के लिए और आवश्यकतानुसार नवीनीकरण एक वर्ष के लिए किया जायेगा।

5. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और स्नातक बेरोजगार जो राज्य सरकार के ऋण सम्बन्धी योजना के अन्तर्गत आते हैं, विशेष व्यवस्था की गयी है। इनके लिए निविदा स्वीकृत होने के 90 दिन के भीतर बस उपलब्ध कराने की सुविधा है। यह सुविधा अन्य लोगों के लिए नहीं होगी जो निविदा स्वीकृत होने तक बस का रजिस्ट्रशन नहीं प्राप्त कर पाते हैं।

6. मार्ग परिवर्तन :- अनुबन्ध के समय आबंटित तथा बस मालिक के द्वारा स्वीकार किये गये मार्ग में कोई परिवर्तन अनुबन्धन की अवधि में सामान्यतया मान्य नहीं होगा, यदि 10 प्रतिशत की कटौती आय में कमी के कारण निरन्तर 3 माह तक विशेष परिस्थितियों में की जाती है तो मार्ग परिवर्तन में विचार जा सकता है। क्षेत्रीय समिति जैसी भी स्थिति हो वाहन का मार्ग परिवर्तन केवल उन्ही मार्गों में से एक मार्ग पर करने हेतु प्राधिकृत होगी, जो कि वाहन स्वामी द्वारा मूल निविदा में अंकित किये गये हों।

वर्तमान में निगम द्वारा लगभग 956 बसें अनुबन्धन पर लेकर चलायी जा रही हैं।

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