संचालन एवं सेवायें

प्रदेश के बहुमुखी विकास में परिवहन व्यवस्था का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। राष्ट्रीयकृत परिवहन व्यवस्था के अन्तर्गत सर्वप्रथम 15 मई, 1947 को लखनऊ-बाराबंकी मार्ग पर उत्तर प्रदेश राजकीय रोडवेज द्वारा बस संचालन प्रारम्भ किया गया। राष्ट्रीयकृत बस संचालन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की जनता को कुशल एवं सस्ती परिवहन सेवा सुलभ कराना था।

चतुर्थ पंचवर्षीय योजना के चौथे वर्ष में उत्तर प्रदेश शासन ने सडक परिवहन निगम अधिनियम, 1950 के अन्तर्गत उ०प्र० राजकीय रोडवेज को 1 जून, 1972 से उत्तर प्रदेश राज्य सडक परिवहन निगम में गठित कर दिया। दसवीं पंचवर्षीय योजना के द्वितीय वर्ष में दिनांक 30.10.2003 को उ०प्र० व उत्तरांचल राज्य के पुर्नगठन अनुसार निगम का पुनर्गठन कर दिया गया तथा उत्तरांचल में आने वाले निगम के पूर्ववर्ती 3 क्षेत्रों को हस्तान्तरित कर दिया गया।

सडक परिवहन निगम अधिनियम, 1950 की धारा-18 में निगम के कर्तव्यों का उल्लेख किया गया है, जिसके अनुसार निगम का कर्तव्य दक्ष, पर्याप्त, मितव्ययी और उचित तौर से समन्वित सडक परिवहन सेवा प्रणाली का प्रबंध एवं उसमें अभिवृक्षि करना है।

राष्ट्रीयकरण की स्थिति

निगम द्वारा मुख्यत: प्रदेश के राष्ट्रीयकृत मार्गों पर बस सेवाओं का संचालन किया जाता है, किन्तु यात्रियों की मांग के दृष्टिगत कुछ ऐसे मार्गों/मार्गाशों पर भी अनुज्ञा-पत्र प्राप्त कर सीमित संख्या में बसोंका संचालन किया जा रहा है,जो राष्ट्रीयकृत नहीं है। प्रदेश में सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित 127108 सडक कि०मी० मार्ग पक्के व मोटर चलाने योग्य हैं। इन मार्गों में से 26729 कि० मी० मार्ग राष्ट्रीयकृत हैं। इन राष्ट्रीयकृत मार्गों में से लगभग 9000 कि०मी० के मार्ग ओवरलैपिंग के हैं। इस प्रकार कुल राष्ट्रीयकृत मार्गों की शुद्ध लम्बाई 17729 कि०मी० है, जो कि कुल पक्की सडकों का लगभग 19.95 है। इसके विपरीत देश के कुछ प्रान्तों जैसे महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात, आन्ध्र प्रदेश व हरियाणा में लगभग शत-प्रतिशत मार्ग राष्ट्रीयकृत है।

राष्ट्रीयकृत मार्गों की क्षेत्रवार सूची - राजाज्ञा पत्र संख्या व तिथि सहित उपलब्ध है।

सेवायें

पुर्नगठन के पश्चात हम परिवहन संवायें उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पडोसी राज्यों में भी संचालित कर रहे हैं-

  • लगभग 6800 बसें 276 किमी० प्रतिदिन दूरी तय करती है।
  • राष्ट्रीयकृत भागों का लगभग 21 लाख किमी० प्रतिदिन।
  • पृथ्वी के व्यय का 2 गुनी दूरी घन्टे तय की जाती है।
  • 90 एकल ट्रिप या 45 आवागमन ट्रिप प्रत्येक राष्ट्रीयकृत किमी० की प्रतिदिन 30 मिनट में आवागमन ट्रिप प्रत्येक राष्ट्रीयकृत किमी०।

निगम का प्रयास रहा है कि उसकी सेवाओं का लाभ अधिकाधिक यात्रियों को मिले। इस हेतु यात्रियों की आवश्यकता के अनुरूप विभिन्न सेवाओं का संचालन किया जा रहा है।

शटल सेवायें

शटल सेवायें मुख्यत: तहसील/ब्लाक मुख्यालय एवं अन्य महत्वपूर्ण ग्रामीण अंचलों को जनपद मुख्यालय से जोडने के लिए संचालित की जाती हैं। निगम प्रयत्नशील है कि शट सेवाओं को और अधिक सुदृढ किया जाये जिससे कि स्थानीय जनता की परिवहन आवश्यकतायें पूरी होती रहें।

लम्बी दूरी की सेवायें

निगम द्वारा प्रदेश के प्रमुख नगरों को जोडने के लिए लम्बी दूरी की सेवायें भी संचालित की जा रही हैं।

डीलक्स एवं सेमी-डीलक्स सेवायें

यात्रियों को बेहतर एवं आरामदेह यात्री सुविधा सुलभ कराने के उद्देश्य से लम्बी दूरी एवं शटल सेवाओं पर इन सेवाओं का संचालन किया जा रहा है जिसका केन्द्र बिन्दु सेटेलाइट कस्बों एवं वाणिज्यिक शहरों से है। सेमी डीलक्स एवं डीलक्स बसों का किराया साधारण बसों का 25% और 70% अधिक होता है। निगम द्वारा वातानुकूलित बसों का हिमानी और शीतल के नाम से किया जा रहा है।

अर्न्तराज्यीय सेवायें

जनता की सुविधा के लिए देश के विभिन्न राज्यों के साथ पारस्परिक समझौतों के अन्तर्गत अर्न्तराज्यीय सेवाओं का संचालन किया जा रहा है। ये सेवायें काफी उपयोगी तथा लोकप्रिय सिंद्ध हुई हैं।

  • पंजाब और हरियाणा में अम्बाला, करनल,रोहतक, भिवानी, लुधियाना, पटियाला, अमृतसर, पठानकोट, और होशियारपुर।

  • हिमाचल प्रदेश में शिमला और नाहन।

  • राजस्थान में उदयपुर, अजमेर, भरतपुर, अलवार, जयपुर, बालाजी और नाथद्वारा।

  • मध्य प्रदेश में खजुराहों, ग्वालियर, सागर, रीवा और सतना।

  • बिहार प्रदेश में रक्सौल, पटना, गया भबुआ।

  • दिल्ली और चण्डीगढ

  • उत्तरांचल में देहरादून, नैनताल, टनकपुर, और दूसरे गन्तव्य स्थान।

संचालन का सुदृढीकरण

निगम अपने यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए कृत संकल्प है। इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु स्थापना के समय से ही बस बेडे के सुदृढीकरण तथा संचालन के प्रसार के लिए प्रयास किये जाते रहे हैं।

  • स्थापना के समय (वर्ष 1971-72 के अन्त में) निगम में 4253 बसों का बेडा था, जिसका संचालन 1123 मार्गों पर किया जा रहा था। उस वर्ष निगम का अर्जित कि० मी० 22.88 करोड था तथा ले जाये गये यात्रियों की संख्या 25.13 करोड थी।

  • दशक के अन्त तक (वर्ष 1979.80 के अन्त में) निगम के बस बेडे में बसों की संख्या 5679 तक पहुंच गयी तथा बसों का संचालन 1782 मार्गों पर किया गया। संचालन में इस वृद्धि के परिणामस्वरूप बसों द्वारा 39.53 करोड कि० मी० अर्जित किये गये तथा यात्रियों की संख्या 44.91 करोड हो गयी।

  • छठी पंचवर्षीय योजना के अन्तिम वर्ष 1984-85 में परिवहन निगम के संचालन में वृद्धि परिलक्षित हुई। बस बेडे में बसों की संख्या 6198 हो गयी। बसों का संचालन 1818 मार्गों पर करके 42.57 करोड कि०मी० अर्जित किया गया।

  • सातवीं पंचवर्षीय योजना के दौरान निगम के बस बेडे को अधिक सुदृढ करने पर बल दिया गया। योजना अवधि की समाप्ति परवर्ष 1989-90 में बस बेडा बढकर 8161 तक पहुंच गया। योजनाकाल के अन्तिम वर्ष में निगम की बसों का संचालन 2525 मार्गों पर कर 64.86 करोड कि० मी० संचालित किया गया तथा 47.10 करोड यात्रियों को परिवहन सुविधा सुलभ करायी गयी।

  • वर्ष 1990-911991-92 में परिवहन निगम के बस बेडे में क्रमश: 469480 नयी बसें सम्मिलित की गयी। इन वर्षों में निगम द्वारा क्रमश: 61.2262.88 करोड कि०मी० संचालित कर क्रमश: 44.69 करोड यात्रियों को परिवहन सुविधा सुलभ करायी गयी।

  • आठवीं पंचवर्षीय योजना में 2722 नयी बसें निगम के बस बेडे में सम्मिलित की गयी। इन बसों के सम्मिलित किये जाने एवं 3142 निष्प्रयोज्य बसों को बेडे से पृथक किये जाने के फलस्वरूप निगम के बस बेडे में वर्ष 1996-97 के अन्त मकं 7463 बसें रह गयीं।

  • नवीं पंचवर्षीय योजना में 2427 नई बसें बेडे में सम्मिलित की गयी एवं 3785 निष्प्रयोज्य बसों को बेडे से पृथक किये जाने के फलस्वरूप निगम के बस बेडे में योजना के अन्त में वर्ष 2001-02 में 6105 बसें रह गयीं।

  • दसवीं पंचवर्षीय योजना में 5274 नई बसें बेडे में सम्मिलित की गयी एवं 4818 निष्प्रयोज्य बसों को बेडे से पृथक किये जाने के फलस्वरूप निगम के बस बेडे में योजना के अन्त में वर्ष 2006-07 में 6561 बसें रह गयीं।

  • दसवीं पंचवर्षीय योजना के

    • चतुर्थ वर्ष 2005-06 में 1230 नई बसें बस बेडे में सम्मिलित की गई एवं 843 निष्प्रयोज्य बसें बेडे से पृथम की गई जिसके फलस्वरूप निगम के बस बेडे में वर्ष 2005-06 के अन्त में स्वयंकी 6230 बसें रह गयीं तथा 853 निजी अनुबन्धित बसें थीं।

    • अन्तिम वर्ष 2006-07 में 1134 नई बसें बस बेडे में सम्मिलित की गयी एवं 803 निष्प्रयोज्य बसें बेडे से प्रथक की गयी जिसके फलस्वरूप निगम के बस बेडे में वर्ष 2006-07 के अन्त में स्वयं की 6561 बसें रह गयी तथा 784 निजी अनुबन्धित बसें थीं।

  • यात्रियों को अधिक सुचारू रूप से परिवहन सुविधा सुलभ कराने के ध्येय से निजी बसों को अनुबंधन में लेकर संचालित करने की योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया गया। बडी बसों के अनुबन्धन की योजना के साथ-साथ छोटे एवं शटल मार्गों पर भी मिनी बसों को अनुबन्ध के आधार पर संचालित करने की योजना को गति प्रदान की गयी। वित्तीय वर्ष 2006-07 के अन्त में 326 बडी व 458 मिनी अनुबन्धित बसें निगम के नियंत्रण में संचालित हुई।

सेवाओं के प्रकार

निगम का सदैव प्रयास रहा है कि उसकी सेवाओं का लाभ अधिकाधिक यात्रियों को मिले। इस हेतु प्रदेश के विभिन्न अंचलों में लम्बी दूरी एवं शटल सेवाओं दोनों का संचालन आवश्यकता के अनुरूप किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त जन आवश्यकताओं के दृष्टिगत प्रदेश के 6 नगरों में नगरीय व उपनगरीय परिवहन सेवायें भी प्रारम्भ की गयी हैं।

  • शटल सेवायें मुख्यत: तहसील/ब्लाक मुख्यालय एवं अन्य महत्वपूर्ण ग्रामीण अंचलों को अनपद मुख्यालय से जोडने के लिए संचालित की जाती हैं। निगम प्रयत्नशील हैं कि शटल सेवाओं की और अधिक सुदृढ किया जाये जिससे कि स्थानीय जनता की परिवहन आवश्यकतायें पूरी होती रहें। वर्तमान में प्रदेश के 6 नगरों क्रमश: लखनऊ, कानपुर, आगरा, इलाहाबाद, वाराणसी व नोएडा में नगरीय व उपनगरीय बसें संचालित की जा रही हैं। जनता में लोकप्रियता एवं वांछना के आधार पर इसमें शनै:-शनै: विस्तार किया जा रहा है।

  • निगम द्वारा प्रदेश के प्रमुख नगरों को जोडने के लिए लम्बी दूरी की सेवायें भी संचालित की जा रही हैं।

  • जनता की सुविधा के लिए देश के विभिन्न राज्यों के साथ पारस्परिक समझौतों के अन्तर्गत अन्तर्राज्यीय सेवाओं का संचालन किया जा रहा है। ये सेवायें काफी उपयोगी तथा लोकप्रिय सिंद्ध हुई हैं। प्रदेश के प्रमुख स्थानों से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान व मध्य प्रदेश राज्यों के विभिन्न गन्तव्यों हेतु अन्तर्राज्यीय सेवायें संचालित की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त दिल्ली के लिए भी प्रदेश के विभिन्न अंचलों से सीधी सेवायें संचालित की जा रही हैं। 

  • निगम द्वारा बसों की डिजाइन तथा सीटों में भी परिवर्तन कर उन्हे अधिक आरामदेह बनाया गया तथा अपनी संचालन व्यवस्था यात्री उन्मुखी बनायी गयी। इस हेतु कुछ मार्गों पर कम किराये की बसों को "जनता सेवा" के रूप में संचालित कराया गया। दैनिक यात्रियों की सुविधा हेतु प्रचलित "मासिक पास योजना" को विस्तारित किया गया। पर्यटकोंहेतु विशेष पास योजना प्रभावी की गयी।

  • कुछ मार्गों पर यात्री उपलब्धता तथा त्वरित यात्रा के दृष्टिगत मिनी बसों का भी संचालन कराया गया तथा अन्तर्जनपदीय मार्गों पर "नॉन-स्टॉप" (पवन एवं पवन गोल्ड) बस सेवायें प्रारम्भ की गयीं। लम्बी दूरी की रात्रिकालीन सेवाओं में यात्री सुविधा हेतु 28 सीट व 15 बर्थ की शयनयान सेवाओं का संचालन भी प्रारम्भ कराया गया। प्रदेश में यत्रियों की वांछनानुरूप व्यापक रूप से शताब्दी एवं शीतल वातानुकूलित सेवाओं का संचालन भी प्रारम्भ कराया गया। प्रदेश के सभी प्रमुख जनपदों को वातानुकूलित सेवाओं जोडने की निगम की योजना है। इन सभी प्रकार की बसों का संचालन यात्रियों में काफी लोकप्रिय हुआ।

  • शादी-विवाह व अन्य सामाजिक कार्यों हेतु चार्टर बसों की भी मांग के अनुसार व्यवस्था है।

  • यात्रियों के मनोरंजन हेतु बसों में एफ०एम० रेडियो, टी०वी तथा वीडियों की भी व्यवस्था है। शताब्दी बसों में घडी,लैपटाप व मोबाइल चार्जर का भी प्राविधान है।

  • निगम ने इन सेवाओं में सुन्दरता, सुविधा, समयबद्धता एवं सुरक्षा के मुख्य चार लक्ष्य रखे हैं।

मैदानी - साधारण सेवायें - किराया रू० 0.4168/यात्री/किलोमीटर

एक्सप्रेस - साधारण किराये का 110%.

सेमी डीलक्स - साधारण किरायेका 12.5%.

डीलक्स - साधारण किराये का 17.0%.

पर्वतीय -  साधारण सेवा - सेवा 0.6608 पैसा प्रति यात्री प्रति किमी.

सेमी डीलक्स - साधारण किराये का 12.5%.

डीलक्स - साधारण किराये का 170%.

उपरोक्त के साथ ही लखनऊ से महत्वपूर्ण बस सेवाओं की क्षेत्रवार सेवा सारणी उपलब्ध है।

लखनऊ से बस-सेवायें

कहाँ से

गन्तव्य

समय

कैसरबाग स्टेशन

दिल्ली

00:30, 01:00, 01:30, 02:00

चारबाग स्टेशन

दिल्ली

01:00, 01:45, 02:30

कैसरबाग स्टेशन

रूद्रपुर

11:00

कैसरबाग स्टेशन

ऋषिकेश

10:30

कैसरबाग स्टेशन

काठगोदाम

19:30, 20:00

कैसरबाग स्टेशन

नैनीताल

19:00

चारबाग स्टेशन

इलाहाबाद

06:30, 07:30, 11:30, 14:30, 16:40, 17:30, 18:30

चारबाग स्टेशन

फैजाबाद

प्रत्येक 30 मिनट

चारबाग स्टेशन

कानपुर

प्रत्येक 45 मिनट

चारबाग स्टेशन

इटावा

04:30

चारबाग स्टेशन

मैनपुरी

05:30

चारबाग स्टेशन

बाँदा

04:30, 05:30, 13:30

चारबाग स्टेशन

हमीरपुर

12:30

चारबाग स्टेशन

मेरठ

00:30

चारबाग स्टेशन

फतेहपुर

06:00

चारबाग स्टेशन

लखीमपुर

15:30

चारबाग स्टेशन

गोरखपुर

17:30, 17:45, 18:30, 19:00

चारबाग स्टेशन

सोनौली

00:30, 01:30, 06:30, 11:00, 13:30

चारबाग स्टेशन

गाजीपुर

16:30

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