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संगठन निगम एवं स्व:पोषित संस्थान है, इसके कार्यकलाप और कार्यप्रणाली का साधारण अधीक्षक, निर्देशन एवं प्रबन्धन निदेशक मण्डल में निहित है। उ०प्र० परिवहन निगम का प्रबन्धन निदेशक मण्डल के अधीन है जिसका प्रमुख प्रबन्ध निदेशक होता है। निदेशक मण्डल में अध्यक्ष के अतिरिक्त कम से कम 5 व अधिक से अधिक 17 निदेशकों का प्राविधान है। इनमें से 1/3 केन्द्र सरकार एवं 2/3 राज्य सरकार के प्रतिनिध्धि होते हैं। उ०प्र० शासन द्वारा निदेशकों को नामित किया जाता है। प्रबन्ध तंत्र में अपर प्रबन्ध निदेशक, सचिव निगम, मु०प्र०प्र० (संचालन), मु०प्र०प्र० (प्रावि०), वित्त नियंत्रक, मुख्य सुरक्षा अधिकारी, मु०प्र०प्र० (प्रशासन) और प्रधान प्रबन्धक जिनके कार्यक्षेत्र-संचालन, बस स्टेशन व्यवस्था यात्री सुविधा, कार्मिक, एम०आई०एस० एवं ई०डी०पी०, तकनीकी, एम०एम०टी०, क्वालिटी कन्ट्रोल। निगम में समूह क के 65 अधिकारी, समूह ख के 250 अधिकारी, समूह ग के 27503 (19318 परिचालक एवं चालक सहित) और समूह घ के 7448 कर्मचारियों को सम्मिलित कर कुल 35266 कर्मचारी कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त 151 दैनिक वेतन भोगी एवं 77 अंशकालिक कर्मचारी हैं। संगठनात्मक संरचना (प्रशासनिक संरचना-प्रबन्धकीय । प्रशासनिक संरचना-संचालन) उ०प्र० राज्य के परिवहन संगठन का परिष्ठ स्तरीय ढांचा निम्नवत है:-
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