निजी नीतियाँ

निगम में 35266 कर्मचारी हैं। इनमें समूह क के 65 अधिकारी, समूह ख के 250 अधिकारी, समूह ग के 27503 (19318 परिचालक एवं चालक सहित) और समूह घ के 7448 कर्मचारियों को सम्मिलित कर कुल कर्मचारी कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त 151 दैनिक वेतन भोगी एवं 77 अंशकालिक कर्मचारी हैं। औसत कर्मचारी उत्पादकता 66 कि०मी० प्रतिकर्मचारी प्रतिदिन है।

कार्यरत कर्मचारियों में अनुसूचित जाति/जनजाति तथा पिछडी जाति का प्रतिनिधित्व 31 मार्च 2007

क्र०सं०

पदों की संख्या

कुल कार्यरत कर्मचारियों की संख्या

अनुसूचित जाति के कर्मचारी

अनूसूचित जनजाति के कर्मचारी

पिछडी जाति के कर्मचारी

 

 

 

संख्या

प्रतिशत

संख्या

प्रतिशत

संख्या

प्रतिशत

 

1

2

3

4

5

6

7

8

1

समूह-क

65

13

20-00

1

1-54

10

13-78

2

समूह-ख

250

12

4.80 

1

0.40 

15

6.01 

3

समूह-ग

27503

4981

18.11 

55

0.20 

7956

28.93 

4

समूह-घ स्वच्छकार को छोडकर

7448

1304

17.51 

8

0.11 

2301

29.94 

 

योग

35266

6310

17.89 

65

0.18 

10211

28.95 

5

समूह-ड केवल स्वच्छकार

347

347

 

 

 

 

 

 

उपरोक्त में निम्न प्रतिनियुक्ति के अधिकारी तथा दैनिक वेतनभोगी/अंशकालिक कर्मचारी सम्मिलित नहीं हैं जिसका विवरण निम्नवत् है :-

  1. समूह "क" एवं समूह "ख" में 10 प्रतिनियुक्ति के अधिकारी

  2. दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी - 74

  3. अंशकालिक कर्मचारी - 77

चयन

अधिकारियों को छोडकर निगम द्वारा चालक, परिचालक, अवरवर्ग लिपिक, क्लीनर एवं मजदूर, कम्पायलर, कनिष्ठ लेखाकारों की सीधी भर्ती की प्रक्रिया है। पदों की आवश्यकतानुसार चयन हेतु समय-समय पर आवश्यक शैक्षणिक योग्यताओं का विज्ञापन दिया जाता है। शासकीय नियमों के अन्तर्गत आरक्षरण आवेदकों को दिया जाता है। यह व्यवस्था पूर्णतया पारदर्शी एवं कम्प्यूटरीकृत है। गत वर्षों में कर्मचारियों की आवश्यकता से अधिक होने के कारण नियुक्तियाँ नहीं की गयी हैं, केवल विशेष भर्ती अभियान के तहत जो आरक्षित और योग्य प्रशिक्षु।

मृतक कर्मचारियों के आश्रितों के भर्ती पर विचार माननीय आधार पर किया जाता है।

चयन की आवश्यकता एवं प्रक्रिया साईट पर सुलभ है-

1

निगम कर्मचारियों के परिवारों हेतु नि:शुल्क बस यात्रा

कार्यरत कर्मचारियों को 2 फ्री एवं 3 पी०टी०ओ० पास (एक कलेण्डर वर्ष में)

सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 1 फ्री एवं 2 पी०टी०ओ० पास (एक कलेण्डर वर्ष में)

2

चिकित्सा सुविधा

मुख्यालय पर एक डिस्पेंसरी जो चिकित्सा सुविधा से युक्त है, जिनमें विशेषज्ञ चिकित्सक, 1 फिजीशियन और 1 नेत्र विशेषज्ञ है। इसके अतिरिक्त 1 होम्योपैथी की भी व्यवस्था है जिसके माध्यम से कर्मचारियों को नि:शुल्क जांच, उपचार एवं परामर्श की सुविधा उपलब्ध रहती है।

शासन के आदेशों के अनुसार प्रतिमाह एक विशेष चिकित्सा भत्ता सभी कर्मचारियों को दिया जाता है।

गंभीर बीमारियों के फलस्वरूप चिकित्सालय में भर्ती होने के दशा में चिकित्सा व्यय की प्रतिपूर्ति की सुविधा है।

3 सामूहिक बीमा योजना

सभी कर्मचारी, भारतीय जीवन बीमा निगम के अन्तर्गत समाहित हैं। प्रतिमाह कटौती एवं बीमा धनराशि निम्नवत है:

   

कटौती की धनराशि प्रतिमाह (रूपये में)  

बीमा धनराशि (रूपये में)

समूह क 100  1.00 लाख
समूह ख 75  0.75
समूह ग 40  0.50 
समूह घ 24  0.30
4

कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम और मानदेय

सभी कार्मिक जो कामगार क्षतिपूर्ति अधिनियम के अर्न्तगत आते हैं, दुर्घटना होने पर कामगार क्षतिपूर्ति अधिनियम के शेड्यूल्ड-4 के अन्तर्गत नियमानुसार मुआवजा दिया जाता है।

मानदेय का वितरण समस्त पात्रता प्राप्त कर्मचारियों को दिया जाता है।

5 कर्मचारी कल्याण कोष

कर्मचारी कल्याण कोष की स्थापना कर्मचारियों को विशेष परिस्थितियों में आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए लिये की गई है। इसकी सदस्यता लेना स्वैच्छिक है। प्रारम्भिक सदस्यता शुल्क 10 रूपये तथा प्रतिमाह 2 रूपये का अंशदान देना होता है। निगम द्वारा मैचिंग अंशदान किया जाता है।

 

समिति के नामित 6 अधिकारियों व 7 कर्मचारियों द्वारा किसी भी सदस्य की वित्तीय सहायता प्राथमिकता के आधार पर की जाती है।

सेवानिवृत्ति

साधारणतया 58 वर्ष की आयु पूर्ण करने के बाद सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पी०एफ०, ए/सी,जी०आई०एस०, नकदीकरण, ग्रेच्युटी, पेंशन (जो इसके पात्र हों) दी जाती हैं। आगामी वर्ष में सेवानिवृत्ति होने वाले कर्मचारियों का क्षेत्रवार विवरण उपलब्ध है। उन कर्मचारियों का विवरण भी उपलब्ध है जो सेवानिवृत्त हो गये हैं लेकिन फण्ड उपलब्ध न होने के कारण ड्यूज का निस्तारण नहीं किया जा सका है।

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