क्रय व्यवस्था एवं क्रय प्रणाली

कल पुर्जे

निगम द्वारा विभिन्न कल पुर्जों का वार्षिक क्रय किया जाता है जो निम्नवत् है :-

  • नये टायर, रिट्रीडेड टायर मेटेरियल, वाहन पुर्जे मैंटीनेंस, मरम्मत और जीर्णोद्वार, स्प्रिंगलीफ, बैटरी, असेम्बलियों आदि आवश्यकता लगभग 650 करोड।

  • बस बाडी निर्माण एवं जीर्णोद्धार-स्टील, एलुमिनियम, ग्लास, प्लाईवुड, रेक्सीन आदि लगभग 500 करोड।

नीति

समस्त क्रय वाहन निर्माताओं, ओरिजनल इक्यूपमेंट निर्माताओं ए०एस०आर०टी०यू० रेट कान्ट्रक्ट की फर्मों एवं प्रतिष्ठित उत्पादकों से जो रेट कान्ट्रैक्ट में नही है परन्तु जिनसे पूर्व में क्रय किये जाते रहे, से ही किया जाता है।

मुख्यालय स्तर से टायर का क्रय टायर के प्रतिष्ठित उत्पादकों से लिमिटेड इन्क्वायरी कर किया जाता है। ब्लाक बोर्ड व प्लाईवुड की अपेक्षित क्वालिटी के रेट कान्ट्रैक्ट में नही है, का क्रय निविदा आमंत्रित कर किया जाता है।

मुख्यालय स्तर पर कुछ आइटम जैसे टायर ई०आर०डब्लू०, स्टील ट्यूब, सीट कुशन व बैंक रेस्ट, का क्रय निविदा आमंत्रित कर किया जाता है।

कुल क्रय का 58 प्रतिशत भाग वाहन निर्माता, ओ०ई०, आपूर्तिकर्ता व ए०एस०आर०टी०यू० रेट कान्ट्रेक्ट की फर्मों से 42 प्रतिशत भाग टायर एवं टायर रिट्रीडिंग निर्माताओं से क्रय किया जाता है।

प्रक्रिया

कलपुर्जों व बॉडी मैटीरियल को खपत मूल्य एवं दर से क्रम के आधार पर 'ए', 'बी' व 'सी' श्रीणी में विभक्‍त किया गया है। 'ए' व 'बी' श्रेणी के अनुपलब्ध पुर्जों की व्यवस्था हेतु बस बेडे एवं उत्पादन के अनुसार रू० 1.50 लाख से रू० 5.00 लाख प्रतिमाह तक का क्रय अधिकार क्षेत्रों को प्रदत्त है। इसके अतिरिक्त 'सी' श्रेणी के आईटमों हेतु क्षेत्र के संचालन एवं उत्पादन के आधार पर रू० 80 हजार से रू० 3 लाख प्रतिमाह का क्रयाधिकार क्षेत्रों को प्रदत्त हैं। साधारणत: केन्द्रीय भण्डार, लखनऊ से ही आईटमों का वितरण क्षेत्रों को किया जाता है। विभिन्न स्तरों पर प्रदत्त निर्णय क्रय अधिकारों के अन्तर्गत क्रय समिति के द्वारा किया जाता है।

ईधन एवं तेल

निगम द्वारा प्रति वर्ष लगभग रू० 2400 करोड का मेसर्स आई०ओ०सी० से 10 दिन की क्रेडिट पर डीजल और लुब्रीकेंट की खरीद करता है।

परिसम्पत्तियाँ

वाहन

चेसिसों का क्रय मेसर्स टेल्को और मेसर्स अशोक लीलैण्ड से 45 दिन के अन्दर क्रेडिट नीति के अन्तर्गत की जाती है। साधारणतया: बस बाडी का निर्माण स्वयं की कार्यशाला में होता है केवल विशेष परिस्थितियों में बस बाडी का निर्माण टेण्डर एवं संविदा के आधार पर होता है।

अन्य परिसम्पत्तियां

न्यूनतम क्रय स्वयं के कोष से किया जाता है। समस्त क्रयाधिकार की शक्ति रू एक लाख तक प्रबन्ध निदेशक में निहित है व इससे अधिक क्रय हेतु निदेशक मण्डल के सम्मुख ले जाना पडता है।

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